National Doctor’s Day- A Newspaper Series

On the precious occasion of National Doctor’s Day 2018, Bhartrihari Times newspaper has published its another copy of the newspaper in order to appreciate the efforts made by the doctors and to greet them gratefully for all the love and care they have shown to us. But, before proceeding towards snapshots of the newspaper, let’s know a brief about the bhartrihari times’ newspaper in its own mother language.

भर्तृहरि टाइम्स, अलवर से प्रकाशित एक पाक्षिक समाचार पत्र है। जो युवाओं, वयस्कों, महिलाओं, मजदूरों-किसानों, लेस्बियन, गे, बाई-सेक्सुअल, ट्रांसजेंडर आदि से सम्बंधित ज्वलंत समस्याओं पर चिंतन तथा नई दृष्टि प्रदान करता है। शुरुआत से ही भर्तृहरि टाइम्स का अखिल भारतीय स्वरूप रहा है। स्थानीय है – अपनी जमीन से जुड़ा है साथ ही राष्ट्रिय चेतना से भी जुड़ा है। दोनों का तालमेल हैं इसमें।

इसकी सम्पादक कादम्बरी हिन्दुस्तान की सबसे कम उम्र की महिला सम्पादक है। अष्टभुजा शुक्ल, वैशाली गर्ग, असग़र वजाहत, तरसेम गुजराल, दिविक रमेश, गोपीनाथ ‘चर्चित’, अधिवक्ता अरविन्द जैन, डॉ. आरती, नूर ज़हीर, अधिवक्ता कमलेश जैन, प्रभाशंकर उपाध्याय, जाबिर हुसैन, प्रो. जगमति सांगवान, प्रो. हेमलता महिश्वर, संजीव चन्दन, प्रो. गिरीश्वर मिश्र, राजकुमार कृषक, डॉ. कृष्ण कुमार सिंह, प्रो. शम्भु गुप्त, डॉ.जीवन सिंह ‘मानवी’, प्रो.विजय बहादुर सिंह, अली अनवर अंसारी, कविता श्रीवास्तव, जितेन्द्र भंवर, हरिशंकर गोयल, महेंद्र नेह, अनिल राजिमवाला, डॉ. ओमप्रकाश गुप्त, डॉ. अनुपमा गुप्ता, डॉ. अमित कुमार, प्रो. शम्भुनाथ तिवारी, संजीव जैन, केशव शरण, डॉ. विनीत रात्रा, डॉ. शरण्या अब्राहम, विजी श्रीवास्तव, शशि तिवारी, सचि आर्य, रईसा खान, डॉ. अंजना अनिल, कुमार प्रशांत, राहुल सिंह, पूरन सरमा, साकेत बिहारी, अवतीर्णा, पुष्पराज, भावना मसिवाल, भावना त्रिपति, दिव्या शिवहरे, डिसेंट कुमार साहू, सना खान, भुवनेश गोयल आदि भर्तृहरि टाइम्स में छप चुके हैं। ये सभी लेखक राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लेखक हैं और विभिन्न ज्ञानानुशासनों से जुड़े हैं।

अंतरराष्ट्रीय समस्याओं, अवसरों पर विशेषांक निकले हैं। भर्तृहरि टाइम्स ज़ल्दी ही कुछ और विशेषांक निकालेगा। अभी तक निकले ‘अन्तर्राष्ट्रीय स्त्री-संघर्ष विशेषांक तथा नेशनल डॉक्टर्स डे विशेषांक हमारी विशेष उपलब्धि कहे जा सकते हैं। इन दोनों विशेषांकों का राष्ट्रीय स्तर पर स्वागत और चर्चा हुई है। जनहित के मुद्दों को उठाने के साथ-साथ मूल्यहीनता का विरोध करता है।

नए पुराने सभी प्रकार के लेखकों को बिना किसी भेदभाव के इसमें जगह देता है। साथ ही सामान्य ज्ञान को बढ़ाने वाली व बुद्धि को तेज करने वाले कॉलम जैसे भर्तृहरि संवाद, जिसमें भर्तृहरि के श्लोकों को व्याख्या भी दी जाती है।

Here, are the snapshots of the Bhartrihari Times’ Newspaper’s next series, on the occasion of the National Doctor’s Day 2018:

[NOTE: In case you want the hard copy of this publication, contact us here.]

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